News

The portal welcomes original Published and unpublished article for Different Column like World Literature, Historical World, Linguistics World, Technical World, Legal Discussion, Art Discussion, Current Affairs etc. Article written in English and Hindi. Portal also Provide Discussion Platform Like Students Discussion, Views, World Politics, Science World, World News etc.

Friday, 18 December 2015

Welcome to Field Voice

Welcome to Field Voice

Field Voice is an International Platform for Creative People, Writers, Students, Journalist etc. This portal dedicated to all creative peoples.

The portal welcomes original Published and unpublished article for Different Column like   World Literature, Historical World, Linguistics World, Technical World, Legal Discussion, Art Discussion, Current Affairs etc.  Article written in English and Hindi. Portal also Provide Discussion Platform Like Students Discussion, Views, World Politics, Science World, World News etc. 
Welcome to Field Voice, Writers, Students, Research Scholars and experience a change to bring about a change in the world through your innovative and intellectual thoughts.

We hope you find it as exciting and vital as we do!

Raj Kumar 
(Editor)

Manish Kumar
(Editor)

Sunday, 13 December 2015

#Research Article Invitation# for International Journal 'Jankriti' (http://www.jankritipatrika.com/)

#RESEARCH PAPER FORMAT FOR INTERNATIONAL JOURNAL- 'JANKRITI'"#
Article send on- jankritipatrika@gmail.com
Language- English, Hindi
Font- Times new roman, Unicode (mangal, kokila)
Last Date- 25th December 2015
Website- http://www.jankritipatrika.com/

#Article for Literature discourse, Theater discourse, Film discourse, Dalit and Trible discourse, Feminism discourse, Youth discourse, Language discourse, Hindi world, Research discourse, Education discourse, Media discourse, child discourse, Research Article, translation, Interviewer, international relation, world politics, current affairs etc"

http://www.jankritipatrika.com/#दलित एवं आदिवासी विमर्श, रंग विमर्श, सिने विमर्श, शिक्षा विमर्श, शोध विमर्श, युवा विमर्श, स्त्री विमर्श, बाल विमर्श, भाषिक विमर्श, शोध आलेख, साक्षात्कार, अनुवाद, हिंदी विश्व, नव लेखन, साहित्यिक विमर्श हेतु शोध आलेख आमंत्रित किए जाते हैं#

#शोध आलेख भेजने से पूर्व पत्रिका की वेबसाईट http://www.jankritipatrika.com/ अवश्य विजिट करें.#

शोधपत्र-प्रारूप

#1. शोधपत्र की संरचना - 
शोधपत्र निम्नलिखित विन्दुओं के अध्यधीन संरचित हो -
1.      शोधपत्र का शीर्षक।
2.      लेखक/लेखकों का नाम उनके ईमेल संकेत के साथ (लेखक/लेखकों का परिचय उनके नाम/नामों में सिम्बल लगाकर, नीचे फुटनोट् में प्रस्तुत किया जाना चाहिए)।
3.      सार-संक्षेप।
4.      की-वर्ड्स (शोधपत्र के अत्यन्त महत्त्वपूर्ण शब्द जो आन-लाइन-सर्च में सहायक हों)।
5.      शोधपत्र (हेडिंग्-सहित या हेडिंग्-रहित)।
6.      स्वीकृति-पत्र (यदि आवश्यक हो) -
o    क. किसी पाण्डुलिपि के पूर्ण प्रकाशन हेतु अत्यावश्यक।
o    ख. सचित्र पाण्डुलिपियों के चित्र, अन्य चित्र, संग्रहालयीय पुरातात्त्विक महत्त्व की वस्तुओं से संबन्धित शोधपत्रों में यदि इनके चित्र दिए गए हों तो सम्बन्धित संस्था, अधिकारी अथवा स्वामी द्वारा निर्गत स्वीकृति-पत्र अत्यावश्यक।
7.      उपसंहार / निष्कर्ष
8.      सन्दर्भ-ग्रन्थ-सूची

2.  सन्दर्भ-ग्रन्थ-सूचीका प्रारूप

क. शोधपत्रिकाओं में प्रकाशित लेखों के लिए -
1.      Gode, P. K., “The Bhagavadgita in the pre-Shankaracharya Jain sources”ABORI, vol.-20, part-2, January-1938, pp.188-194, Bhandarkar Oriental Research Institute, Poona.

ख. प्रकाशित-ग्रन्थों के लिए -
1.      Krishnamachariar M., (Ed.) 2009. History of Classical Sanskrit Literature. Motilal Banarsidass, Delhi-110 007. India.
2.      उपाध्याय, आचार्य बलदेव, मिश्र, प्रो. जयमन्त (सम्पादक), २००३ ई., संस्कृत-वाङ्मय का बृहद् इतिहास (पंचम-खण्ड : गद्य), उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ, भारत.

3.      फॉण्ट -
1.      अंग्रेजी-भाषा के लिए टाइम्स न्यू रोमन’- वर्ग के फॉण्ट एवं हिन्दी-संस्कृत भाषाओं के लिए यूनिकोड् मंगल’-वर्ग के फॉण्ट का प्रयोग किया जाना चाहिए।
2.      जनकृति में प्रेषित शोधपत्रों के लिए उपर्युक्त को छोड़ किसी अन्य फॉण्ट का प्रयोग न करें।

4.      विशिष्ट प्रस्तुतीकरण
1.      शोधपत्रों की प्रस्तुति में विशिष्ट साज-सज्जा, आकृतियों, कालम, टेबल्स, वृत्त आदि का प्रयोग न करें।
2.      अत्यन्त आवश्यक होने पर ही कालम, टेबल्स, चार्ट्स का प्रयोग करें।
3.      यदि शोधपत्र अपरिहार्य रूप से किसी विशेष प्रस्तुतीकरण (फार्मेट्) में प्रस्तुत हो तो इसकी एक पी.डी.एफ.-फाइल्और एक एम.एस.-वर्ल्डकी फाइल् भी भेजी जानी चाहिए।

5.     सूचना -
1.      शोधपत्र सर्वथा मौलिक, शोध एवं अनुसन्धान के उच्च मानदण्डों पर प्रस्तुत होना चाहिए।
2.      आंशिक अथवा पूर्णरूपेण अन्यत्र प्रकाशित, प्रयुक्त शोधपत्र नहीं भेजें।
3.      साक्ष्य हेतु प्रस्तुत उद्धरणों को (ग्रन्थ-नाम, पृष्ठ-संख्या, संस्करण, प्रकाशक आदि) बहुत सावधानी-पूर्वक जांच लें और आश्वस्त होने पर ही उनका सन्दर्भ दें।
4.      ध्यान दें
o    क. सम्पादकों के पहले परामर्श के बाद भी सन्दर्भों के अशुद्ध एवं भ्रान्त होने की दशा में,
o    ख. दूसरे परामर्श के बाद भी निर्देशों का पालन किए बग़ैर पुन: भेजे गए, शोधपत्र स्वत: अप्रकाश्य समझे जाएंगे।
5.      लेखकों के विचारों, अनुभवों तथा दृष्टिकोण से इस संस्थान, ‘जनकृति’, इसके परामर्श-दातृ-मण्डल तथा सम्पादक-मण्डल का सहमत होना आवश्यक नहीं है।#